31 आखी कड़वाहट, प्रकोप, राग, राड़, खाराब बोलने एने दुख पोचाड़नार वातु एने आखी बातीन खाराबपोणा माय निकाल दिवो।
31 आखी कड़वाहट, प्रकोप, राग, राड़, खाराब बोलने एने दुख पोचाड़नार वातु एने आखी बातीन खाराबपोणा माय निकाल दिवो।