54 किंतु जब यह नाशमान अविनाशी को तथा मरणहार अमरता को धारण कर लेगा तब पवित्र शास्त्र का यह वचन पूरा हो जाएगा: "मृत्यु विजय का निवाला बन गई."15:54 यशा 25:8
55 मृत्यु! कहां है तेरी विजय?
मृत्यु! कहां है तेरा ड़ंक?15:55 होशे 13:14
56 मृत्यु का ड़ंक है पाप और पाप का बल है व्यवस्था. 57 किंतु हम धन्यवाद करते हैं परमेश्वर का, जो हमें हमारे प्रभु येशु मसीह द्वारा विजय प्रदान करते हैं.