Pular para o conteúdo
Publicidade

1 Coríntios 5

परिें यभि

1 ें रहहर जगह चरिषय बन गयै, वह ऐस, र-यहिों तक ें नहीं ा: िअपनिरख िै. 2 इसकअलइस पर लजिबजें इसकगरै! ऐसयकि ििा? 3 िअनपसिपर ैं आतें उपसिूं और ैं उस करनिअपनिणय ऐसूं ैं वयवहां उपसिूं. 4 जब रभमसें इकटो, और मसमरआतें ैं , 5 तब उस करनों ौंिि उसकशर, िंरभिउसकआतउदो.

6 घमकरनिलकअचनहीं ै. नहीं नति ़े खमूंआटखमै? 7 िेंइस खमि एक नयूंआटबन , ि अखमो, ोंि हमसह तव ें मसबलि ै. 8 हम टतखमनहीं परसचअखमउतसव मनं.

9 अपनपतें ैंें िि करनों रखना. 10 मतलब यह िलकि उन सभयकिों े, करने, ी, ठग िजक ैं, रखना, अनयथें हर पड़ेा. 11 तव ें मतलब यह ि ऐसिि, करने, ी, िजक, बकवी, ियककडठग ो, रखन, जन करनतक ा.

12 कलिहर यकिों भलैं ों करूं? िंा, यह नहीं ि उनकांकरना, कलिें ैं? 13 हरयकिों परमवर करेंे. "हर िअपनकरो."5:13 व्यव 17:7; 19:19; 21:21; 22:21, 24; 24:7

Veja também