22 इसलिये कि तुमने उस सच्चाई की आज्ञा मानने के द्वारा अपनी आत्मा को निश्छल भाईचारे के लिए पवित्र कर लिया है, अब तुममें आपस में उत्तम हार्दिक प्रेम ही देखा जाए. 23 तुम्हारा नया जन्म नाशवान नहीं परंतु अनंत जीवन तत्व अर्थात् परमेश्वर के जीवित और सदा ठहरने वाले वचन के द्वारा हुआ है 24 क्योंकि,
"सभी मनुष्य घास के समान,
तथा उनकी शोभा जंगली फूलों के समान है;
घास मुरझा जाती तथा फूल झड़ जाता है,
25 परंतु प्रभु का वचन युगानुयुग बना रहता है."1:25 यशा 40:6-8
यही है वह वचन जो तुम्हें सुनाया गया था.