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1 राजा 18

41 एलिअहकहा, "उठि, और जन कर ि. सलिआवरहै." 42 तब अहजन करनचलगया. एलिकरपरवत िखर पर चलगए. उनोंि ओर ककर अपनहरटनों ें ििा.

43 और अपनवक आदिा, "कर समिें खतरहो." उसनकर और चनी.

"वहां नहीं ै!"

एलियह आदि"कर िो!"

44 तवीं वक चनी, "िए-दि! मनांसमदल एक कड़ा समसतह उठ रहै."

एलिवक आदिा, "कर अहकहो, अपनरथ कर परवत उतर इए, कहीं ऐसि आप िें िं.’ "

45 आकदलों गया, ोंि हवबहनलगऔर सलिगई. अहरथ पर ़्चलगया.

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