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Resultados da busca por "amor"

11 resultados encontrados

1 Coríntios 13 हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि
Capítulo 13
Mostrando versículos 4–8 de 13

4प्रेम धीरजवंत है, प्रेम कृपालु है. प्रेम जलन नहीं करता, अपनी बड़ाई नहीं करता, घमंड नहीं करता,

7प्रेम हमेशा ही सुरक्षा प्रदान करता है, संदेह नहीं करता, हमेशा आशावान और हमेशा धीरज बनाए रहता है.

8प्रेम अनंत काल का है. जहां तक भविष्यवाणियों का सवाल है, वे थोड़े समय के लिए हैं. भाषाएं निःशब्द हो जाएंगी तथा ज्ञान मिट जाएगा

1 Pedro 5 हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि
Capítulo 5
Mostrando versículos 11–14 de 14

11उनका अधिकार सदा-सर्वदा हो, आमेन.

14प्रेम के चुंबन के द्वारा एक दूसरे को नमस्कार करो.तुम सभी को, जो मसीह में हैं, शांति!

1 Crônicas 1 हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि
Capítulo 1
Mostrando versículos 1–27 de 54

1आदम, शेत, एनोश,

15हिव्वी, आरकी, सीनी,

27अब्राम (अर्थात् अब्राहाम).

Hebreus 13 हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि
Capítulo 13
Mostrando versículos 1–25 de 25

1भाईचारे का प्रेम लगातार बना रहे.

16भलाई करना और वस्तुओं का आपस में मिलकर बांटना समाप्‍त न करो क्योंकि ये ऐसी बलि हैं, जो परमेश्वर को प्रसन्‍न करती हैं.

25तुम सब पर अनुग्रह बना रहे.

Romanos 13 हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि
Capítulo 13
Mostrando versículos 8–10 de 14

8आपसी प्रेम के अलावा किसी के कर्ज़दार न हो. वह जो अपने पड़ोसी से प्रेम करता है, उसने व्यवस्था का पालन कर लिया

9क्योंकि: व्यभिचार मत करो, हत्या मत करो, चोरी मत करो, लोभ मत करो,13:9 निर्ग 20:13-15, 17; व्यव 5:17-19, 21 तथा इसके अतिरिक्त यदि कोई भी अन्य आज्ञा हो तो उसका सार यही है: अपने पड़ोसी के लिए तुम्हारा प्रेम वैसा ही हो जैसा तुम्हारा स्वयं के लिए है.13:9 लेवी 19:18

10प्रेम पड़ोसी का बुरा नहीं करता. इसलिये प्रेम व्यवस्था की पूर्ति है.

Josué 19 हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि
Capítulo 19
Mostrando versículos 19–43 de 51

19हफारयिम, सियोन, अनाहरथ,

36अदामा, रामाह, हाज़ोर,

43एलोन, तिमनाह, एक्रोन,

Josué 15 हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि
Capítulo 15
Mostrando versículos 26–52 de 63

26अमाम, शेमा, मोलादाह,

50अनाब, एशतमोह, अनीम,

52अरब, दूमाह, एशआन,

Judas 1 हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि
Capítulo 1
Mostrando versículos 2–21 de 25

2कृपा, शांति और प्रेम बहुतायत में प्राप्‍त हो!

20किंतु प्रियो, तुम स्वयं को अपने अति पवित्र विश्वास में बढ़ाते जाओ. पवित्र आत्मा में प्रार्थना करते हुए

21अनंत काल के जीवन के लिए हमारे प्रभु येशु मसीह की दया की बड़ी आशा से प्रतीक्षा करते हुए स्वयं को परमेश्वर के प्रेम में स्थिर बनाए रखो.

Cânticos 5 हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि
Capítulo 5
Mostrando versículos 8–10 de 16

8येरूशलेम की कन्याओ, यह वादा करो,यदि तुम्हें कहीं मेरा प्रेमी मिल जाए,तुम उसे बताओगे? उसे बता देना कि मुझे प्रेम की बीमारी हो गयी है.

9नवयुवतियों में परम सुंदरी नवयुवती,किस प्रकार तुम्हारा प्रेमी दूसरे प्रेमियों से उत्तम है?किस प्रकार का है तुम्हारा यह प्रेमी,कि तुम हमें सौगंध दे रही हो?

10मेरा प्रेमी तेजवान और लाल है,वह तो दस हज़ारों में सिर्फ एक है.

Neemias 12 हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि
Capítulo 12
Mostrando versículos 2–33 de 47

2अमरियाह, मल्‍लूख, हत्तुष,

20सल्लू से कल्लाई;अमोक से एबर;

33अज़रियाह, एज़्रा, मेशुल्लाम,

2 João 1 हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि
Capítulo 1
Mostrando versículos 3–6 de 13

3परमेश्वर पिता और मसीह येशु की ओर से, जो पिता के पुत्र हैं, अनुग्रह, कृपा और शांति हमारे साथ सच तथा प्रेम में बनी रहेगी.

5हे स्त्री, मेरी तुमसे विनती है: हममें आपस में प्रेम हो. यह मैं तुम्हें किसी नई आज्ञा के रूप में नहीं लिख रहा हूं परंतु यह वही आज्ञा है, जो हमें प्रारंभ ही से दी गई है.

6प्रेम यही है कि हम उनकी आज्ञा के अनुसार स्वभाव करें. यह वही आज्ञा है, जो तुमने प्रारंभ से सुनी है, ज़रूरी है कि तुम उसका पालन करो.

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