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Cânticos 2

ि

1 ैं ूं,

िों िी.

यक

2 कन

िांों िसमै.

ि

3 ियतम जवों लगतै,

गल़ों एक ़.

उसकें ठनखद अनभव ा,

उसकफल .

4 वह अपनमहकमरें आया,

तथपर उसकै.

5 ििों झमें बल भर ो,

िकर झमें नई भर ो,

ोंि गयै.

6 उसकां िो,

तथवह आलिंगन करे.

7 शलकन,

ें िरणों तथिरणिों शपथ, झकवचन ो,

जब तक सहसमय आए,

जगा.

8 ो-ो!

ियतम रहै,

परवतों कर,

पह़िों पर उछलत.

9 ियतम एक िंअथवएक िरण समै.

वह ो, वह हमखड़ा ै,

वह ििों ें रहै,

वह ें ांरहै.

10 इसकउततर ें ियतम झसकहा,

"उठो, ियतमा,

ुंदरी, चलो.

11 ोंि ो! ़ा रहै;

वरऋतै.

12 ें िैं;

नगसमय ै,

हमें कबतरों

लगै.

13 ें पक ैं;

लतपर िरहैं.

उठो, ियतमा;

ुंदरी, चलो."

यक

14 चटदरों ें,

चढ़ा्‍ों ें कबतरी,

ैं खनहतूं,

ैं आवननहतूं;

ोंि आव,

ुंदर खमडल.

15 हमिउन मड़िों पकडो,

उन मड़िों ो,

हमबगों नषकर रहैं,

जब हमबगों ें िरहैं.

ि

16 ियतम िऔर ैं उसकी;

वह अपऩ-बकरिों सन ों ें चररहै.

17 आनतक

जब िटनलगतै,

ि, बतपह़ों पर

िरण सम,

ां, िरण बच्‍

समआओ.

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