पौलॉस की प्रार्थना
14 यही कारण है कि मैं पिता के सामने घुटने टेकता हूं, 15 जिनमें स्वर्ग और पृथ्वी के हर एक गोत्र का नाम रखा जाता है, 16 कि वह अपनी अपार महिमा के अनुसार अपने पवित्र आत्मा के द्वारा तुम्हारे अंतरात्मा को शक्ति-सम्पन्न करें, 17 कि विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में वास करें और प्रेम में मजबूत व स्थिर होकर, 18 तुम सभी पवित्र जन मसीह के प्रेम की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई व गहराई को भली-भांति समझ सको, 19 और मसीह के उस प्रेम को जान सको, जो ज्ञान से परे है कि परमेश्वर की सारी भरपूरी तुममें स्थापित हो जाए.