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योहन 14

21 वह, आदों करतऔर उनकलन करतै, वहै, झसकरतै. वह, झसकरतै, िियजन ा. ैं उससकरूंऔर वयउस पर रकट करूंा."

22 यहे, (ितवनहीं ा), उनसरशिा, "रभु, ऐसगयि आप वयहम पर रकट करेंिंपर नहीं?"

23 मसउनें उततर िा, "यदि यकि झसकरतवह िलन करा; वह िियजन बनऔर हम उसकआकर उसकिकरेंे. 24 वह, झसनहीं करता, वचन लन नहीं करता. वचन, रहो, नहीं, िैं, जनैं.

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