बैथज़ादा जलाशय पर अपंग को स्वास्थ्यदान
1 इन बातों के पश्चात मसीह येशु यहूदियों के एक पर्व में येरूशलेम गए. 2 येरूशलेम में भेड़-फाटक के पास एक जलाशय है, जो इब्री भाषा में बैथज़ादा कहलाता है और जिसके पांच ओसारे हैं, 3 उसके किनारे अंधे, अपंग और लकवे के अनेक रोगी पड़े रहते थे, 4 [जो जल के हिलने की प्रतीक्षा किया करते थे क्योंकि उनकी मान्यता थी कि परमेश्वर का स्वर्गदूत समय समय पर वहां आकर जल हिलाया करता था. जल हिलते ही, जो व्यक्ति उसमें सबसे पहले उतरता था, स्वस्थ हो जाता था].5:4 कुछ प्राचीनतम मूल हस्तलेखों में यह पाया नहीं जाता 5 इनमें एक व्यक्ति ऐसा था, जो अड़तीस वर्ष से रोगी था. 6 मसीह येशु ने उसे वहां पड़े हुए देख और यह मालूम होने पर कि वह वहां बहुत समय से पड़ा हुआ है, उसके पास जाकर पूछा, "क्या तुम स्वस्थ होना चाहते हो?"
7 रोगी ने उत्तर दिया, "श्रीमन, ऐसा कोई नहीं, जो जल के हिलने पर मुझे जलाशय में उतारे—मेरे प्रयास के पूर्व ही कोई अन्य व्यक्ति उसमें उतर जाता है."
8 मसीह येशु ने उससे कहा, "उठो, अपना बिछौना उठाओ और चलने फिरने लगो." 9 तुरंत वह व्यक्ति स्वस्थ हो गया और अपना बिछौना उठाकर चला गया.
वह शब्बाथ था.