2 प्रभु येशु ने उनसे कहा, "जब भी तुम प्रार्थना करो, इस प्रकार किया करो:
" ‘हमारे स्वर्गीय पिता!
आपका नाम सभी जगह सम्मानित हो.
आपका राज्य हर जगह स्थापित हो.
3 हमारा रोज़ का भोजन हमें हर दिन दिया कीजिए.
4 हमारे पापों को क्षमा कीजिए.
हम भी उनके पाप क्षमा करते हैं, जो हमारे विरुद्ध पाप करते हैं.
हमें परीक्षा में फंसने से बचाइए.’ "