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मार्कास 11:22-25

OHSS Hindi Contemporary Version

22 इसके उत्तर में मसीह येशु ने कहा, "परमेश्वर में विश्वास रखो, 23 मैं तुम पर एक अटल सत्य प्रकट कर रहा हूं: यदि तुम्हें विश्वास हो—संदेह तनिक भर भी न हो—तो तुम न केवल वह करोगे, जो इस अंजीर के पेड़ के साथ किया गया परंतु तुम यदि इस पर्वत को भी आज्ञा दोगे, ‘उखड़ जा और समुद्र में जा गिर!’ तो यह भी हो जाएगा. 24 इसलिये तुमसे मुझे यह कहना है: प्रार्थना में विश्वास से तुम जो भी विनती करोगे, उनके लिए यह विश्वास कर लो कि वे तुम्हें प्राप्‍त हो गई हैं, तो वे तुम्हें प्रदान की जाएंगी. 25 इसी प्रकार, जब तुम प्रार्थना करो और तुम्हारे हृदय में किसी के विरुद्ध कुछ हो, उसे क्षमा कर दो, जिससे तुम्हारे स्वर्गीय पिता भी तुम्हारे पाप क्षमा कर दें. [

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  1. HSB Hindi Standard Bible

    22 इस पर यीशु ने उनसे कहा,"परमेश्‍वर पर विश्‍वास रखो। 23 मैं तुमसे सच कहता हूँ कि जो कोई इस पहाड़ से कहे, ‘उखड़ जा और समुद्र में जा गिर’ और अपने मन में संदेह न करे बल्कि विश्‍वास करे कि जो कह रहा है, वह हो जाएगा, तो उसके लिए वही होगा। 24 इस कारण मैं तुमसे कहता हूँ कि जो कुछ तुम प्रार्थना करके माँगते हो, विश्‍वास करो कि वह तुम्हें मिल गया और तुम्हारे लिए वही हो जाएगा। 25 जब कभी तुम प्रार्थना के लिए खड़े होते हो, तो यदि तुम्हारे मन में किसी के विरुद्ध कुछ है तो उसे क्षमा करो जिससे कि तुम्हारा पिता भी जो स्वर्ग में है तुम्हारे अपराध क्षमा करे।

  2. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    22 यीशु ने उसको उत्तर दिया, "परमेश्वर पर विश्वास रखो। 23 मैं तुम से सच कहता हूँ कि जो कोई इस पहाड़ से कहे, ‘तू उखड़ जा, और समुद्र में जा पड़,’ और अपने मन में सन्देह न करे, वरन् विश्वास करे, कि जो कहता हूँ वह हो जाएगा, तो उसके लिये वही होगा। 24 इसलिए मैं तुम से कहता हूँ, कि जो कुछ तुम प्रार्थना करके माँगो तो विश्वास कर लो कि तुम्हें मिल गया, और तुम्हारे लिये हो जाएगा। 25 और जब कभी तुम खड़े हुए प्रार्थना करते हो, तो यदि तुम्हारे मन में किसी की ओर से कुछ विरोध हो, तो क्षमा करो: इसलिए कि तुम्हारा स्वर्गीय पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा करे।

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