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मार्कास 5

25 एक रह वरलहव-प़िी. 26 अनििसकों ों उसनअऩासही. इसमें वह अपनसब यय कर ी, िइससउसबदलि उठपड़ी ी. 27 मसिषय ें नकर उसनें आकर वस. 28 उसकयह िा: "यदि ैं उनकवसूं, ैं वसी." 29 उसषण उसकरकतसथम गया. वयउसअपनशरें यह गयि वह अपऩा ै.

30 उसषण मसयह आभि उनमें मरिकलै. ें उनोंकर रशिा, "वह, िसनवसै?"

31 िों उनसकहा, "आप रहैं ि िरकआप पर िपडरहै, और आप रशकर रहैं, वह, िसनवसै!’ "

32 रभि उसजनलगी, िसनयह िा. 33 वह यह नति उसकै, भय ांपतउनकचरणों पर िऔर उन पर सचरकट कर ी. 34 मसउस कहा, "ी, िें वसिै. ांि ें िऔर वसरहो."

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