Pular para o conteúdo
Publicidade

मार्कास 5

35 जब मसयह कह रहे, इरघर आए ों यह चनी, "आपकै. अब वर कष?"

36 मसयह उस यहसभअधिकहा, "भयभो—वल िकरो."

37 उनोंतर, तथहन अतििअनिअपनआनअनमति ी, 38 और सब यहसभअधिघर पर पहुंे. मसि वहां मचतथआवें ो-रहैं. 39 घर ें रवकर मसउनें िकरतकहा, "यह और ा-टनों! बचनहीं ै—वह वल रहै." 40 यह मसठटकरनलगे.

िंमसउन सभवहां हर िबचा-ितथअपनिों उस ककें रविा, जहां वह िी. 41 वहां उनोंिपकडकर उससकहा, "ऊम" (अरी, उठो!) 42 उसषण वह उठ खड़ी और चलनिरनलगी. इस पर सभचकिरह गए. िरह वरी. 43 मसउनें पषआदिि इस घटनिषय ें ननऔर िउनसकहि उस ििि.

Veja também