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Marcos 6

ांहज़ाजन

30 िटकर मसआए और उनें अपनिगए ों और गई ििवरण िा. 31 मसउनसकहा, "आओ, समय िकहीं एकांें चलें और िकरें," ोंि अनरहऔर उनें जन तक अवसर ्‍सका.

32 पचपर सवएक नसजगह पर चलगए. 33 ों उनें वहां िा. अनों यह पहचिि े. आस-पनगरों अनउनसपहलउस पर पहुंे. 34 जब मसतट पर पहुंे, उनोंवहां एक बड़ी इकटा. उसवह ुःउठोंि उनें िचरव़ों समलगी. वहां मसउनें अनिषयों पर िलगे.

35 िढल रहा. िों मसआकर उनसकहा, "यह नसजगह और िढलरहै. 36 अब आप इनें िकर िि ांों ें कर अपनिजन-वयवसकर सकें."

37 िंमसउनीं कहा, "इनें जन!"

िों इसकउततर ें कहा, "इतनों जन ें कम कम लगेंे. आप हतैं ि हम कर इनकिइतनजन आएं?"

38 मसउनसा, "ितनिां ैं यहां? , पतलग!"

उनोंपतलगकर उततर िा, "ांऔर इनकअलमछलिां ी."

39 मससभों ुं़ों ें हरपर आजी. 40 सभौ-और पचस-पचुंों ें गए. 41 मसांिां और मछलिां कर वरओर ें उठकर उनकिधनयवरकट िा. तब वह िां और िों गए ि उनें ें ांटतं. इसकउनोंमछलिां उनमें ांीं. 42 सभभरपा. 43 िों रह गए िों तथमछलिों कड़े इकटिरह करभर गए. 44 िोंजन िा, उनमें ांहज़ाे.

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