परमेश्वर का नीनवेह नगर के विरुद्ध क्रोध
2 याहवेह जलन रखनेवाले और बदला लेनेवाले परमेश्वर हैं;
याहवेह बदला लेनेवाले तथा बहुत क्रोधी हैं.
याहवेह अपने शत्रुओं से बदला लेते हैं
और अपना कोप अपने शत्रुओं पर प्रगट करते हैं.
3 याहवेह क्रोध करने में धीमा पर बड़े सामर्थ्यी हैं;
याहवेह दुष्टों को दंड देने में पीछे न हटेंगे.
उनका मार्ग बवंडर और आंधी में से होकर जाता है,
और बादल उनके पैरों की धूल है.
4 वे समुद्र को फटकारते और उसे सूखा देते हैं;
वे सब नदियों को सूखा देते हैं.
बाशान और कर्मेल कुम्हला जाते
और लबानोन के फूल मुरझा जाते हैं.
5 उनके सामने पर्वत कांप उठते हैं
और पहाड़ियां पिघल जाती हैं.
उनकी उपस्थिति में पृथ्वी,
सारा संसार और उसमें रहनेवाले कांप उठते हैं.
6 उनके क्रोध का सामना कौन कर सकता है?
उनके भयंकर क्रोध को कौन सह सकता है?
उनका कोप आग की तरह भड़कता है;
उनके सामने चट्टानें चूर-चूर हो जाती हैं.
7 याहवेह भले हैं,
और संकट के समय दृढ़ गढ़ ठहरते हैं.
वे उनका ध्यान रखते हैं जो उन पर भरोसा रखते हैं,
8 पर वे भयंकर बाढ़ के द्वारा
नीनवेह नगर को नष्ट कर देंगे;
वे अपने शत्रुओं को अंधकार में खदेड़ देंगे.