Pular para o conteúdo
Publicidade

रोमियों 11:1,2,28,29

OHSS Hindi Contemporary Version

इस्राएल का शेषांश

1 तो मेरा प्रश्न यह है: क्या परमेश्वर ने अपनी प्रजा का त्याग कर दिया है? नहीं! बिलकुल नहीं! क्योंकि स्वयं मैं एक इस्राएली हूं—अब्राहाम की संतान तथा बिन्यामिन का वंशज. 2 परमेश्वर ने अपनी पूर्वावगत11:2 पूर्वावगत: वह, जिसके विषय में पहले से ज्ञात था. प्रजा का त्याग नहीं कर दिया या क्या तुम यह नहीं जानते कि पवित्र शास्त्र में एलियाह से संबंधित भाग में क्या कहा गया है—इस्राएल के विरुद्ध होकर वह परमेश्वर से कैसे विनती करते हैं:

28 ईश्वरीय सुसमाचार के दृष्टिकोण से तो वे तुम्हारे लिए परमेश्वर के शत्रु हैं किंतु चुन लिए जाने के दृष्टिकोण से पूर्वजों के लिए प्रियजन. 29 परमेश्वर द्वारा दिया गया वरदान तथा उनका बुलावा अटल हैं.

Em outras traduções

  1. HSB Hindi Standard Bible

    1 अब मैं पूछता हूँ, क्या परमेश्‍वर ने अपनी प्रजा को त्याग दिया? कदापि नहीं! क्योंकि मैं भी एक इस्राएली हूँ, अब्राहम के वंश, और बिन्यामीन के गोत्र का हूँ। 2 परमेश्‍वर ने अपनी प्रजा को नहीं त्यागा जिसे वह पहले से जानता था। क्या तुम नहीं जानते कि पवित्रशास्‍त्र एलिय्याह के विषय में क्या कहता है कि वह कैसे इस्राएल के विरुद्ध परमेश्‍वर से विनती करता है?

    28 सुसमाचार की दृष्‍टि से तो वे तुम्हारे निमित्त शत्रु हैं, परंतु चुनाव की दृष्‍टि से वे पूर्वजों के कारण प्रिय हैं; 29 क्योंकि परमेश्‍वर के वरदान और उसकी बुलाहट अटल हैं।

  2. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    1 इसलिए मैं कहता हूँ, क्या परमेश्वर ने अपनी प्रजा को त्याग दिया? कदापि नहीं! मैं भी तो इस्राएली हूँ; अब्राहम के वंश और बिन्यामीन के गोत्र में से हूँ। 2 परमेश्वर ने अपनी उस प्रजा को नहीं त्यागा, जिसे उसने पहले ही से जाना: क्या तुम नहीं जानते, कि पवित्रशास्त्र एलिय्याह की कथा में क्या कहता है; कि वह इस्राएल के विरोध में परमेश्वर से विनती करता है। (भज. 94:14)

    28 सुसमाचार के भाव से तो तुम्हारे लिए वे परमेश्वर के बैरी हैं, परन्तु चुन लिये जाने के भाव से पूर्वजों के कारण प्यारे हैं। 29 क्योंकि परमेश्वर अपने वरदानों से, और बुलाहट से कभी पीछे नहीं हटता।

Direitos das traduções citadas

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.