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Romanos 14

5 िएक ििमहतजबकि िअनिसभिएक समैं. हर एक अपनी-अपनरणें तरह ििरहे. 6 यकि िििमहतै, वह उसरभिमहततथवह, सब ै, रभिोंि वह इसकिपरमवर रति धनयवरकट करततथनहीं ा, वह रभरखतनहीं तथवह परमवर रति धनयवरकट करतै.

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