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जेफ़नयाह 1

14 हवभयनक ििकट ै—

यह िकट और जलरहै.

हविभयनक ै;

बड़ा ुःरण ट-फटकर दन करतै.

15 वह िा,

कट और ़ा ि,

परऔर िि,

धकऔर गम ि,

घनघघटऔर धकि,

16 गढशहरों ि

और रहरी-ों ि

वह रहूंकनऔर ललकिा.

17 "ैं नव ि पर ऐसिपति ा,

ि ऐसटटेंे, यकि टटलतैं,

ोंि उनोंहवििै.

उनकसम

और उनकतड़ी बर समेंएगी.

18 हवि,

उनकां

और उनकउनकबचएगा."

उसकजलन आग ें

भसएगी,

ोंि वह उन सबकअचनक कर

पर रहतैं.

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