20 जब तुमन एक संग जूरथव अऊ जऊन चीज ला खाथव, ओह परभू भोज नो हय, 21 काबरकि हर मनखे ह दूसर ला अगोरे बिगर खा लेथे। कोनो तो भूखन रही जाथे अऊ कोनो मतवार हो जाथे। 22 खाय-पीये बर का तुम्हर घर नइं ए? या फेर तुमन परमेसर के कलीसिया ला तुछ समझथव अऊ जऊन मन करा कुछू नइं ए, ओमन के अपमान करथव। मेंह तुमन ला का कहंव? ये बात बर का मेंह तुम्हर बड़ई करंव? बिलकुल नइं।
23 काबरकि जऊन बात परभू ह मोला बताईस, ओला मेंह तुमन ला घलो बता देंव: जऊन रथिया परभू यीसू ला पकड़े गीस, ओ रथिया ओह रोटी लीस 24 अऊ परमेसर ला धनबाद देके ओला टोरिस अऊ कहिस, "येह मोर देहें अय, जऊन ह तुम्हर बर अय। मोर सुरता म एही करे करव।" 25 खाना खाय के बाद, ओही किसम ले परभू ह कटोरा ला लीस अऊ कहिस, "ये कटोरा ह मोर लहू म नवां करार ए; जब कभू तुमन येला पीयव, त ये काम ला मोर सुरता म करे करव।" 26 काबरकि जब कभू तुमन ये रोटी ला खाथव अऊ ये कटोरा म ले पीथव, त तुमन परभू के मिरतू के परचार तब तक करथव, जब तक कि ओह फेर नइं आ जावय।
27 एकरसेति, जऊन ह गलत ढंग ले परभू के रोटी ला खाथे या ओकर कटोरा म ले पीथे, त ओह परभू के देहें अऊ लहू के बिरोध म पाप करे के दोसी ठहिरथे। 28 एकरसेति, हर एक झन रोटी ला खाय अऊ कटोरा म ले पीये के पहिली अपनआप ला जांचय। 29 काबरकि जऊन ह परभू के देहें के महत्व ला समझे बिगर, रोटी ला खाथे अऊ कटोरा म ले पीथे, ओह अपन ऊपर दंड लाथे।