1 यदि तुमन ले काकरो, अपन संगी बिसवासी के संग कोनो बिवाद हवय, त ओह अबिसवासीमन करा नियाय बर जाय के हिम्मत कइसने करथे, एकर बनिस्पत कि ओह संतमन ले ये झगरा के निपटारा करवाय? 2 का तुमन नइं जानव कि परमेसर के मनखेमन संसार के नियाय करहीं? अऊ जबकि तुमन ला संसार के नियाय करना हवय, त का तुमन छोटे-छोटे झगरा के निपटारा करे के लईक नो हव? 3 का तुमन नइं जानव कि हमन स्वरगदूतमन के नियाय करबो? त ये जिनगी के समस्या ला तुमन ला आसानी से निपटाना चाही। 4 एकरसेति, यदि तुम्हर बीच म अइसने बिवाद हवय, त का तुमन नियाय करे बर ओमन ला कहिहू, जेमन के चालचलन कलीसिया म सही नइं ए। 5 मेंह ये बात एकरसेति कहथंव कि तुमन ला कुछू तो सरम होवय। का ये हालत हो गे हवय कि तुम्हर बीच म अइसने कोनो बुद्धिमान मनखे नइं ए, जऊन ह बिसवासी भाईमन म झगरा के निपटारा कर सकय?
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1 Coríntios 6
बिसवासीमन के बीच म मुकदमा
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