18 एकरसेति छिनारी करई ले दूर रहव। आने जम्मो पाप जऊन ला मनखे ह करथे, ओह ओकर देहें के बाहिर होथे, पर जऊन ह छिनारी करथे, ओह अपन खुद के देहें के बिरोध म पाप करथे। 20 परमेसर ह दाम देके तुमन ला बिसाय हवय। एकरसेति, अपन देहें के दुवारा परमेसर के आदर करव।
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