बिहाव
1 अब मेंह ओ बातमन ला लिखत हंव, जेकर बारे म तुमन अपन चिट्ठी म पुछे हवव: एक आदमी बर येह बने बात ए कि ओह कोनो माईलोगन के संग सारीरिक संबंध झन बनावय। 2 पर छिनारी ले बचे बर, हर एक मनखे के अपन घरवाली अऊ हर एक माईलोगन के अपन घरवाला होवय। 5 एक-दूसर के बिहाव हक ला झन मारव, पर सिरिप एक-दूसर के सहमती ले कुछू समय बर सारीरिक संबंध ला बंद रखव, ताकि तुमन अपन ओ समय ला पराथना म बीता सकव। तब फेर एक संग हो जावव ताकि तुम्हर धीरज म कमी के कारन, सैतान ह तुमन ला झन परख सकय।