7 मेंह चाहथंव कि जइसने मेंह हवंव, वइसने जम्मो मनखेमन रहंय। पर परमेसर ह हर एक मनखे ला अलग-अलग बरदान दे हवय; कोनो ला ये बरदान, त कोनो ला ओ बरदान।
8 पर मेंह अबिवाहित7:8 या जेकर घरवाली के मिरतू हो गे हवय अऊ बिधवामन ला ये कहथंव कि येह ओमन बर बने अय कि ओमन मोर सहीं अबिवाहित रहंय।
32 में चाहथंव कि तुमन कोनो किसम के चिंता झन करव। जेकर बिहाव नइं होय हवय, ओह परभू के काम के फिकर म रहिथे कि ओह परभू ला कइसने खुस करय। 33 पर एक सादी-सुदा मनखे, ये संसार के काम के फिकर म रहिथे कि ओह अपन घरवाली ला कइसने खुस रखय, 34 अऊ ओकर मन ह एती-ओती होवत रहिथे। जऊन माईलोगन के बिहाव नइं होय हवय, ओह या एक कुंवारी ह परभू के काम के फिकर म रहिथे। ओकर उदेस्य ये रहिथे कि ओह अपन देहें अऊ आतमा दूनों के दुवारा परभू के सेवा म लगे रहय। पर सादी-सुदा माईलोगन ह ये संसार के काम के फिकर म रहिथे कि ओह अपन घरवाला ला कइसने खुस रखय। 35 मेंह ये बात तुम्हर भलई खातिर कहथंव, तुमन म बंधना डाले बर नइं। मेंह चाहथंव कि तुमन सही अऊ बने काम करव अऊ अपन हिरदय ला बिगर एती-ओती लगाय, पूरा अपनआप ला परभू के सेवा म दे दव।