9 पर तमन एक चन बस, रज-पदधर परहत, पबतर जत अऊ परमसर क खद क मनख अव, तक तमन ओकर परसस करव, जऊन ह तमन ल अधयर म ल अपन अदभत अजर म बलय हवय।
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9 पर तमन एक चन बस, रज-पदधर परहत, पबतर जत अऊ परमसर क खद क मनख अव, तक तमन ओकर परसस करव, जऊन ह तमन ल अधयर म ल अपन अदभत अजर म बलय हवय।