19 एकरसेति, जऊन मन परमेसर के ईछा के मुताबिक दुख उठाथें, ओमन अपनआप ला अपन बिसवासयोग्य सिरिस्टी करइया परमेसर के हांथ म सऊंप देवंय, अऊ बने काम करे म लगे रहंय।
19 एकरसेति, जऊन मन परमेसर के ईछा के मुताबिक दुख उठाथें, ओमन अपनआप ला अपन बिसवासयोग्य सिरिस्टी करइया परमेसर के हांथ म सऊंप देवंय, अऊ बने काम करे म लगे रहंय।