2 परमेसर के ओ झुंड के, जऊन ह तुम्हर अधीन हवय, ओकर देखरेख करत ओ झुंड के चरवाहा बनव। येह दबाव ले नइं, पर जइसने परमेसर तुमन ले चाहथे, अपन ईछा ले करव; पईसा के लालच म नइं, पर सेवा-भाव ले करव। 3 जऊन मनखेमन तुमन ला सऊंपे गे हवंय, ओमन ऊपर हुकूम झन चलावव, पर झुंड खातिर एक नमूना बनव।
5 हे जवानमन, तुमन घलो ओही किसम ले सियानमन के अधीन रहव। एक-दूसर के संग नमरता ले बरताव करव, काबरकि,
"परमेसर ह घमंडी मनखे के बिरोध करथे,
पर नम्र मनखेमन ऊपर अनुग्रह करथे।"5:5 नीति 3:34
7 अपन जम्मो चिंता ला ओकर ऊपर छोंड़ देवव, काबरकि ओह तुम्हर खियाल रखथे।
10 अऊ तुम्हर थोरकन समय तक दुख भोगे के बाद, जम्मो अनुग्रह के परमेसर, जऊन ह तुमन ला मसीह म अपन सदाकाल के महिमा बर बलाय हवय, ओह खुद तुमन ला संभालही, अऊ तुमन ला, बलवान, मजबूत अऊ स्थिर करही।