4 पर ओह खुद आघू सुनसान जगह म एक दिन के रसता चलिस। ओह एक झाऊ के झाड़ी करा आके ओकर खाल्हे म बईठ गीस अऊ ये कहिके पराथना म अपन मिरतू मांगे लगिस, "हे यहोवा, बहुंत हो गे; अब मोर परान लेय ले, काबरकि मेंह अपन पुरखामन ले बने नो हंव।" 5 तब ओह ओ झाड़ी खाल्हे लेट गीस अऊ सुत भुलाईस।
तुरते एक स्वरगदूत ह ओला छुईस अऊ कहिस, "उठ अऊ खा।" 6 ओह चारों कोति अपन नजर घुमाके देखिस, त ओला अपन मुड़ करा कोइला के अंगरा म चुरे कुछू रोटी, अऊ पानी ले भरे एक सुराही दिखिस। तब ओह खाईस अऊ पीईस अऊ फेर लेट गीस।
7 यहोवा के स्वरगदूत ह दूसर बार आईस अऊ ओला छूके कहिस, "उठ अऊ खा, काबरकि तोला बहुंत लम्बा यातरा करना हे।" 8 तब ओह उठके खाईस अऊ पीईस। खाना खाय ले ओला ताकत मिलिस अऊ ओह चालीस दिन अऊ चालीस रात रेंगत-रेंगत परमेसर के पहाड़ होरेब करा हबरिस। 9 उहां ओह एक खोड़रा म गीस अऊ उहां रथिया काटिस।
यहोवा ह एलियाह ला दरसन देथे
अऊ यहोवा के बचन ह एलियाह करा आईस: "हे एलियाह, तेंह इहां का करत हस?"
10 ओह जबाब दीस, "मेंह यहोवा सर्वसक्तिमान परमेसर बर बहुंत उत्साही हंव। इसरायलीमन तोर करार ला नइं माने हवंय, तोर बेदीमन ला गिरा दे हवंय, अऊ तोर अगमजानीमन ला तलवार ले घात करे हवंय। सिरिप मेंह एके झन बांचे हवंव, अऊ अब ओमन मोला घलो मार डारे के कोसिस करत हवंय।"
11 यहोवा ह कहिस, "बाहिर निकलके, यहोवा के आघू म पहाड़ ऊपर ठाढ़ हो जा, काबरकि यहोवा ह उहां ले होके जवइया हे।"
तब यहोवा के आघू म एक बड़े भयंकर आंधी ह पहाड़मन ला फोर दीस अऊ चट्टानमन ला टोर दीस, पर यहोवा ह ओ आंधी म नइं रिहिस। आंधी के बाद, एक भुइंडोल होईस, पर यहोवा ह ओ भुइंडोल म घलो नइं रिहिस। 12 भुइंडोल के बाद, आगी ह आईस, पर यहोवा ओ आगी म नइं रिहिस। अऊ आगी के बाद, एक धीमा कानाफूसी के अवाज सुनई दीस।