5 तब ओह ओ झाड़ी खाल्हे लेट गीस अऊ सुत भुलाईस।
तुरते एक स्वरगदूत ह ओला छुईस अऊ कहिस, "उठ अऊ खा।" 6 ओह चारों कोति अपन नजर घुमाके देखिस, त ओला अपन मुड़ करा कोइला के अंगरा म चुरे कुछू रोटी, अऊ पानी ले भरे एक सुराही दिखिस। तब ओह खाईस अऊ पीईस अऊ फेर लेट गीस।