10 हन्ना ह अपन मन म बहुंत दुखी होके यहोवा ले पराथना करन लगिस, अऊ बिलख-बिलखके रोवन लगिस। 11 अऊ ओह ये कहत मन्नत मानिस, "हे यहोवा सर्वसक्तिमान, यदि तें अपन दासी के दुख ला सही म देखबे अऊ मोर सुधि लेबे, अऊ अपन दासी ला नइं भूलबे पर ओला एक बेटा देबे, त मेंह ओला ओकर जिनगी भर बर यहोवा ला अरपन कर दूहूं, अऊ ओकर मुड़ म कभू उस्तरा फिरन नइं पाही।"
13 हन्ना ह अपन मन म पराथना करत रिहिस, ओकर ओंठ तो हालत रिहिस फेर ओकर अवाज नइं सुनई पड़त रिहिस। एली ह समझिस कि ओह नसा म हवय 14 अऊ ओला कहिस, "तें कब तक नसा म रहिबे? अपन नसा ला उतार।"
15 हन्ना ह कहिस, "हे मोर मालिक, अइसने नो हय, मेंह तो एक दुखियारी माईलोगन अंव। मेंह न तो अंगूर के मंद पीये हंव अऊ न ही कोनो अऊ मंद; मेंह अपन मन के बात खोलके यहोवा ला कहत रहेंव।
20 तब कुछू दिन के बाद हन्ना देहें म होईस अऊ एक बेटा ला जनम दीस। ओह ये कहत ओकर नांव समूएल1:20 समूएल इबरानी म परमेसर के दुवारा सुने गय रखिस, "काबरकि मेंह येला यहोवा ले मांगेंव।"
27 येह ओ लइका ए, जेकर बर मेंह पराथना करे रहेंव, अऊ यहोवा ह मोला मोर मुहूं मांगा बर दे हवय। 28 एकरसेति अब मेंह ओला यहोवा ला अरपन कर देवत हंव। येह अपन जिनगी भर यहोवा ही के बने रहय।" अऊ तब ओह1:28 या एलकाना अऊ ओकर परिवार उहां यहोवा के अराधना करिस।