27 जब ओमन खाल्हे नगर के तीर मेर जावत रिहिन, त समूएल ह साऊल ला कहिस, "अपन सेवक ला कह कि ओह हमर ले आघू जावय"—अऊ सेवक ह आघू चल दीस—"पर तें कुछू समय तक इहां रूक, ताकि मेंह तोला परमेसर के एक संदेस सुनावंव।"
27 जब ओमन खाल्हे नगर के तीर मेर जावत रिहिन, त समूएल ह साऊल ला कहिस, "अपन सेवक ला कह कि ओह हमर ले आघू जावय"—अऊ सेवक ह आघू चल दीस—"पर तें कुछू समय तक इहां रूक, ताकि मेंह तोला परमेसर के एक संदेस सुनावंव।"