अराधना के बारे म निरदेस
1 एकरसेति, सबले पहिली ये अनुरोध करत हंव कि बिनती, पराथना, निबेदन अऊ धनबाद जम्मो मनखे बर करे जावय— 2 राजा अऊ जम्मो ऊंच पद के मनखे बर ये करे जावय, ताकि हमन सांत अऊ सुख के जिनगी भक्ति अऊ पबितरता के संग जीयन।
1 एकरसेति, सबले पहिली ये अनुरोध करत हंव कि बिनती, पराथना, निबेदन अऊ धनबाद जम्मो मनखे बर करे जावय— 2 राजा अऊ जम्मो ऊंच पद के मनखे बर ये करे जावय, ताकि हमन सांत अऊ सुख के जिनगी भक्ति अऊ पबितरता के संग जीयन।