4 ओह अपन परिवार के सुघर परबंध करइया होवय, अऊ ओह ये देखय कि ओकर लइकामन पूरा आदरमान के संग ओकर बात मानंय। 5 (कहूं कोनो अपन खुद के परिवार के परबंध नइं कर सकय, त फेर ओह परमेसर के कलीसिया के खियाल कइसने रख सकथे?)
4 ओह अपन परिवार के सुघर परबंध करइया होवय, अऊ ओह ये देखय कि ओकर लइकामन पूरा आदरमान के संग ओकर बात मानंय। 5 (कहूं कोनो अपन खुद के परिवार के परबंध नइं कर सकय, त फेर ओह परमेसर के कलीसिया के खियाल कइसने रख सकथे?)