16 ओह एके झन अमर अय, ओह अगम-अपार अंजोर म रहिथे, जेला कोनो नइं देखे हवंय अऊ न कोनो ओला देख सकंय। ओकर आदर अऊ पराकरम जुग-जुग होवत रहय। आमीन।
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16 ओह एके झन अमर अय, ओह अगम-अपार अंजोर म रहिथे, जेला कोनो नइं देखे हवंय अऊ न कोनो ओला देख सकंय। ओकर आदर अऊ पराकरम जुग-जुग होवत रहय। आमीन।