आखिरी निरदेस
12 अब हे भाईमन हो, हमन तुम्हर ले बिनती करथन कि ओमन के आदर करव, जऊन मन तुम्हर बीच म कठोर मेहनत करथें, जऊन मन परभू म तुम्हर अगुवा अंय अऊ जऊन मन तुमन ला सचेत करत रहिथें। 13 ओमन के काम के कारन, मया के संग ओमन के बहुंत आदर करव। एक-दूसर के संग सांति से रहव।