11 आखर म, ह भई-बहनमन ह, आनदत रहव! सदध बन क कसस म रहव; एक-दसर ल उतसहत करव; एक मत हक रहव अऊ सत बनय रखव। तभ मय अऊ सत दवइय परमसर ह तमहर सग रहह।
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11 आखर म, ह भई-बहनमन ह, आनदत रहव! सदध बन क कसस म रहव; एक-दसर ल उतसहत करव; एक मत हक रहव अऊ सत बनय रखव। तभ मय अऊ सत दवइय परमसर ह तमहर सग रहह।