हर बात म उदार बनव
1 हे भाईमन हो, हमन चाहथन कि तुमन ओ अनुग्रह के बारे म जानव, जऊन ला परमेसर ह मकिदुनिया के कलीसियामन ला दे हवय। 2 दुख के भारी परिछा म ओमन बड़े आनंद मनावत हवंय अऊ भयंकर गरीबी म ओमन अब्बड़ दानी हो गे हवंय। 3 काबरकि मेंह गवाही दे सकथंव कि अपन सक्ति के मुताबिक ओमन जतकी जादा हो सकिस, दे हवंय; अऊ त अऊ ओमन अपन सक्ति ले बाहिर घलो दे हवंय। अऊ अपन पूरा ईछा ले दे हवंय। 4 ओमन बार-बार हमर ले बिनती करिन कि ओमन ला संतमन के सेवा म मदद करे बर मऊका मिलय। 5 अऊ ओमन हमर आसा ले बढ़के करिन: ओमन पहिली अपनआप ला परभू ला दे दीन अऊ तब परमेसर के ईछा के मुताबिक अपनआप ला हमर अधीन कर दीन।