उदार मन ले बोवव
6 ये बात ला सुरता रखव: जऊन ह थोरकन बोथे, ओह थोरकन काटही घलो, अऊ जऊन ह बहुंत बोथे, ओह बहुंते काटही घलो। 8 परमेसर ह तुमन ला जम्मो किसम के आसीस बहुंतायत ले देय म सामर्थी अय, ताकि तुम्हर करा जरूरत के हर चीज हमेसा बहुंतायत म रहय अऊ तुमन हर एक बने काम म बहुंतायत से दे सकव।
10 जऊन परमेसर ह बोवइया ला बीजा अऊ खाय बर रोटी देथे, ओह तुमन ला घलो बीजा अऊ खाय बर रोटी दीही अऊ तुम्हर बीजा के भंडार ला बढ़ाही अऊ तुम्हर धरमीपन के काम ला बगराही। 11 तुमन ला हर किसम ले धनवान बनाय जाही, ताकि तुमन हर समय उदार बनव अऊ हमर जरिये तुमन जऊन उदारता ले देथव, ओकरे कारन बहुंते झन परमेसर ला धनबाद दीहीं।