21 यहसपत ह मनखमन ल सलह लय क बद, परसमन ल यहव क गत गय बर चनस, तक ओमन ओकर पबतरत क सभ बर सन क आघ-आघ रगत य कहक परसस करय:
"यहव क धनबद करव,
कबरक ओकर मय हमस बन रहथ।"
22 जब ओमन गत गय क अऊ परसस कर क सर करन, त यहव ह यहद ऊपर हमल करइय अमन अऊ मआब अऊ सईर पहड क मनखमन क बरध घत लग दस, अऊ ओमन हर गन।