3 यहोसापात ह सचेत होके एकर बारे म यहोवा के ईछा जाने बर ठान लीस, अऊ जम्मो यहूदा म उपास रखे के घोसना करिस। 4 यहूदा के मनखेमन यहोवा ले मदद के आसा करत एक संग जूरिन; वास्तव म, ओमन यहूदा के हर एक सहर ले ओकर ईछा जाने बर आईन।
15 यहजीएल ह कहिस: "सुनव, राजा यहोसापात अऊ ओ जम्मो, जेमन यहूदा अऊ यरूसलेम म रहिथें! यहोवा ह तुमन ले ये कहत हे: ‘ये बड़े सेना के कारन तुमन झन डरव या हतास झन होवव। काबरकि लड़ई तुम्हर नइं, पर परमेसर के अय। 17 तुमन ला ये लड़ई लड़े बर नइं पड़य। अपन-अपन जगह ले लव; मजबूती से खड़े रहव अऊ यहोवा ह तुमन ला, यहूदा ला अऊ यरूसलेम ला जऊन छुटकारा दीही, ओला देखव। झन डरव; हतास झन होवव। कल ओमन के सामना करे बर बाहिर निकलव, अऊ यहोवा ह तुम्हर संग रहिही।’ "
22 जब ओमन गीत गाय के अऊ परसंसा करे के सुरू करिन, त यहोवा ह यहूदा ऊपर हमला करइया अमोनी अऊ मोआबी अऊ सेईर पहाड़ के मनखेमन के बिरूध घात लगा दीस, अऊ ओमन हार गीन।