16 ओह अपन जम्मो चिट्ठी म, ये बातमन ला बतावत ओही किसम ले लिखथे। ओकर चिट्ठीमन म कुछू अइसने बातमन हवंय, जऊन ला समझना कठिन ए। अगियानी अऊ अस्थिर मनखेमन एकर गलत मतलब निकालथें, जइसने कि ओमन परमेसर के बचन के आने भागमन ला घलो करथें, अऊ ये किसम ले ओमन अपन बिनास करथें।
17 एकरसेति, हे मयारू संगवारीमन हो, जब तुमन ला पहिले ही चेताय गे हवय, त सचेत रहव ताकि तुमन दुस्ट मनखेमन के बहकावा म झन आवव अऊ अपन बिसवास के स्थिरता ला झन गंवावव।