धनबाद अऊ उत्साह
3 मेंह हमेसा तोला रात अऊ दिन अपन पराथना म सुरता करत, परमेसर के धनबाद करथंव, जेकर सेवा मेंह साफ मन ले करथंव जइसने कि मोर पुरखामन घलो करत रिहिन। 4 तोर आंखी के आंसू ला सुरता करके, मेंह तोला देखे के ईछा करथंव, ताकि मेंह आनंद ले भर जावंव। 5 मेंह तोर निस्कपट बिसवास ला सुरता करथंव, जऊन ह कि पहिली तोर ममा दाई लोइस अऊ तोर दाई यूनीके म रिहिस, अऊ मोला भरोसा हवय कि एहीच बिसवास तोर म घलो हवय।