पराथना करे खातिर बिनती
1 आखिर म, हे भाईमन हो, हमर बर पराथना करव कि परभू के संदेस ह तेजी से बगरय अऊ आदर के संग गरहन करे जावय, जइसने कि तुम्हर बीच म होय हवय। 2 अऊ पराथना करव कि परमेसर ह हमन ला खराप अऊ दुस्ट मनखेमन ले बचावय, काबरकि जम्मो झन हमर संदेस ला बिसवास नइं करंय।