Pular para o conteúdo
Publicidade

प्रेरितमन के काम 10:9-16

पतरस के दरसन

9 दूसर दिन लगभग मंझन के बेरा, जब ओमन सहर के लकठा म हबरत रहंय, त पतरस ह छानी ऊपर पराथना करे बर चघिस। 10 ओही घरी ओला भूख लगिस अऊ ओह कुछू खाय बर चाहत रिहिस अऊ जब खाना ह बनत रहय, त ओह अचेत हो गीस। 11 ओह देखिस कि स्वरग ह खुल गे हवय अऊ एक ठन बड़े चादर सहीं चीज ह चारों खूंट ले ओरमत धरती कोति उतरत हवय। 12 ओमा धरती के जम्मो किसम के चरगोड़िया, पेट के बल रेंगइया जीव-जन्तु अऊ अकास के चिरईमन रहंय। 13 तब पतरस ह ये अवाज सुनिस, "हे पतरस! उठ! मार अऊ खा।"

14 पर पतरस ह कहिस, "नइं परभू, कभू नइं। मेंह कभू कुछू असुध अऊ मईलाहा चीज नइं खाय हवंव।"

15 फेर दूसर बार पतरस ओ अवाज सुनिस, "जऊन कुछू ला परमेसर ह सुध करे हवय, ओला तेंह असुध झन कह।"

16 तीन बार ले अइसनेच होईस, तब तुरते ओ चादर ला स्वरग म वापिस उठा लिये गीस।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.