पबितर आतमा पिनतेकुस्त के दिन आथे
1 जब पिनतेकुस्त तिहार2:1 फसल के तिहार, निर 34:22; लैव्य 23:15-16 के दिन आईस, त जम्मो चेलामन एक ठऊर म जूरे रिहिन। 2 अचानक अकास ले एक बड़े गरेर सहीं सनसनाहट के अवाज होईस, अऊ ओ अवाज ले जम्मो घर ह, जिहां ओमन बईठे रिहिन, गूंज गीस। 3 ओमन ला आगी के जीभमन सहीं दिखिस अऊ ओह अलग होके ओमन के हर एक झन के ऊपर आके ठहर गीस। 4 अऊ ओमन जम्मो झन पबितर आतमा ले भर गीन अऊ जइसने पबितर आतमा ह ओमन ला बोले के सामर्थ दीस, ओमन आने-आने भासा म गोठियाय लगिन।
5 ओ घरी धरती के हर एक देस ले आय परमेसर के भक्त यहूदीमन यरूसलेम सहर म ठहिरे रिहिन। 6 जब ओमन ये अवाज सुनिन, त उहां एक भीड़ जूर गीस अऊ मनखेमन घबरा गीन, काबरकि हर एक झन ला ये सुनई देवत रिहिस कि येमन मोरेच भासा म गोठियावत हवंय। 7 ओ जम्मो झन अचम्भो म पड़के पुछे लगिन, "देखव, ये जम्मो मनखे जऊन मन गोठियावत हवंय, का येमन गलील प्रदेस के नो हंय? 8 त फेर कइसने हमन जम्मो मनखेमन अपन-अपन जनम भुइयां के भासा सुनत हवन? 9 हमन के बीच म पारथी, मेदी, एलामी मनखे हवंय; अऊ हमन म ले कोनो-कोनो मेसोपोटामिया, यहूदिया अऊ कप्पदुकिया, पुनतुस, एसिया, 10 फ्रूगिया, पंफूलिया, मिसर अऊ लिबिया देस जऊन ह कुरेन के लकठा म हवय, के रहइया अंय। रोम ले आय मनखेमन 11 (यहूदी अऊ यहूदी मत म चलइया, दूनों), क्रेती अऊ अरबी घलो हवंय। पर हमन जम्मो झन अपन-अपन भासा म येमन ले परमेसर के बड़े-बड़े काम के चरचा सुनत हवन।"