पबितर आतमा पिनतेकुस्त के दिन आथे
1 जब पिनतेकुस्त तिहार2:1 फसल के तिहार, निर 34:22; लैव्य 23:15-16 के दिन आईस, त जम्मो चेलामन एक ठऊर म जूरे रिहिन। 2 अचानक अकास ले एक बड़े गरेर सहीं सनसनाहट के अवाज होईस, अऊ ओ अवाज ले जम्मो घर ह, जिहां ओमन बईठे रिहिन, गूंज गीस। 3 ओमन ला आगी के जीभमन सहीं दिखिस अऊ ओह अलग होके ओमन के हर एक झन के ऊपर आके ठहर गीस। 4 अऊ ओमन जम्मो झन पबितर आतमा ले भर गीन अऊ जइसने पबितर आतमा ह ओमन ला बोले के सामर्थ दीस, ओमन आने-आने भासा म गोठियाय लगिन।