17 " ‘परमेसर ह कहिथे,
आखिरी के दिन म अइसने होही कि मेंह अपन आतमा ला जम्मो मनखेमन ऊपर उंडेलहूं।
तुम्हर बेटा अऊ बेटीमन अगमबानी करहीं।
तुम्हर जवानमन दरसन देखहीं,
अऊ तुम्हर सियानमन सपना देखहीं।
17 " ‘परमेसर ह कहिथे,
आखिरी के दिन म अइसने होही कि मेंह अपन आतमा ला जम्मो मनखेमन ऊपर उंडेलहूं।
तुम्हर बेटा अऊ बेटीमन अगमबानी करहीं।
तुम्हर जवानमन दरसन देखहीं,
अऊ तुम्हर सियानमन सपना देखहीं।