साऊल ह यीसू ला परभू स्वीकार करथे
1 साऊल ह अब तक परभू के चेलामन ला डराय-धमकाय अऊ ओमन ला मार डारे के धुन म रहय। ओह महा पुरोहित करा गीस 2 अऊ दमिस्क के यहूदीमन के सभा-घरमन के नांव म ये खातिर चिट्ठी मांगिस कि आदमी या माईलोगन जऊन ला घलो, ओह मसीह के बिसवास म पावय, त ओला बंदी बनाके यरूसलेम म ले आवय। 3 जब ओह चलते-चलत दमिस्क के लकठा म हबरिस, त अचानक अकास म ले ओकर चारों कोति एक अंजोर चमकिस। 4 ओह भुइयां म गिर पड़िस अऊ एक अवाज ला ये कहत सुनिस, "हे साऊल! हे साऊल! तेंह मोला काबर सतावत हस।"
5 साऊल ह पुछिस, "हे परभू! तेंह कोन अस?"
ओह कहिस, "मेंह यीसू अंव, जऊन ला तेंह सतावत हस।
15 पर परभू ह हनन्याह ला कहिस, "तेंह उहां जा, काबरकि ओह आनजातमन के अऊ ओमन के राजामन के अऊ इसरायली मनखेमन के आघू म मोर नांव के परचार करे बर मोर दुवारा चुने गे साधन अय।
17 तब हनन्याह ह उठके ओ घर म गीस। उहां ओह साऊल ऊपर अपन हांथ ला रखके कहिस, "हे भाई साऊल! परभू याने यीसू, जऊन ह तोला ओ रसता म आवत बेरा दिखाई दे रिहिस, ओही ह मोला पठोय हवय कि तेंह फेर देखे लग अऊ पबितर आतमा ले भर जा।"
20 ओह तुरते यहूदीमन के सभा-घरमन म परचार करे लगिस कि यीसू ह परमेसर के बेटा अय।