3 जब ओह चलते-चलत दमिस्क के लकठा म हबरिस, त अचानक अकास म ले ओकर चारों कोति एक अंजोर चमकिस। 4 ओह भुइयां म गिर पड़िस अऊ एक अवाज ला ये कहत सुनिस, "हे साऊल! हे साऊल! तेंह मोला काबर सतावत हस।"
5 साऊल ह पुछिस, "हे परभू! तेंह कोन अस?"
ओह कहिस, "मेंह यीसू अंव, जऊन ला तेंह सतावत हस। 6 पर अब उठ अऊ सहर म जा। जऊन काम तोला करना हवय, ओला उहां तोला बताय जाही।"
7 जऊन मनखेमन ओकर संग म रिहिन, ओमन हक्का-बक्का हो गीन, काबरकि ओमन अवाज ला तो सुनिन, पर कोनो ला नइं देखिन। 8 साऊल भुइयां ले उठिस, फेर जब ओह अपन आंखी ला खोलिस, त ओला कुछू दिखाई नइं दीस। एकर खातिर ओकर संगीमन ओकर हांथ ला धरके दमिस्क सहर ले गीन। 9 ओह तीन दिन तक नइं देखे सकिस अऊ ओह न कुछू खाईस न पीईस।