9आने मन ला निस्कपट मया करव। बुरई ले घिन करव; भलई करे म लगे रहव।
10भाई-चारा के मया करत एक-दूसर बर समरपित रहव। एक-दूसर ला अपन ले बढ़के आदर देवव।
15आनंद मनइयामन के संग आनंद मनावव अऊ रोवइयामन के संग रोवव।
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9आने मन ला निस्कपट मया करव। बुरई ले घिन करव; भलई करे म लगे रहव।
10भाई-चारा के मया करत एक-दूसर बर समरपित रहव। एक-दूसर ला अपन ले बढ़के आदर देवव।
15आनंद मनइयामन के संग आनंद मनावव अऊ रोवइयामन के संग रोवव।
5खुला डांट हछुपे मया ले बने अय।
9इतर अऊ खुसबूदार धूप ह मन ला आनंदित करथे,अऊ कोनो संगी के हिरदय ले निकले सलाह हओकर खुसी ला देखाथे।
17जइसने कि लोहा ह लोहा ला तेज करथे,वइसने ही एक मनखे ह दूसर मनखे ला तेज बनाथे।
9(हेरमोन ला सीदोनीमन सिरयोन, अऊ अमोरीमन सनीर कहिथें।)
13गिलाद के बचे भाग अऊ पूरा बासान याने कि ओग के राज ला मेंह मनस्से के आधा गोत्र के मनखेमन ला दे देंव। (बासान म अरगोब के पूरा इलाका ह रपाईमन के देस के रूप म जाने जाथे।
7मया ह जम्मो बात ला सह लेथे, जम्मो बात ऊपर बिसवास करथे, जम्मो बात के आसा रखथे अऊ जम्मो बात म धीरज धरे रहिथे।
8मया ह कभू खतम नइं होवय। अगमबानी बंद हो जाही; आने-आने भासा म गोठियाई बंद हो जाही; गियान ह खतम हो जाही।
13पर अब ये तीनों बचे हवंय: बिसवास, आसा अऊ मया। पर ये तीनों म सबले बड़े मया ए।
2एपरैम, बिनयामीन अऊ मनस्से के आघू म अपन अंजोर ला चमका।अपन ताकत ला जगा;आ अऊ हमन ला बचा।
14हे सर्वसक्तिमान परमेसर, हमर करा लहुंट आ!स्वरग ले निहरके देख!ये अंगूर के नार ऊपर धियान दे,
18तब हमन तोर ले दूरिहा नइं जाबो;हमन ला पहिले सहीं कर दे, अऊ हमन तोर नांव के गुन गाबो।
2काबरकि सत ह हमन म रहिथे अऊ हमर संग सदाकाल तक रहिही:
5अब हे मयारू माईलोगन, मेंह तोला कोनो नवां हुकूम नइं लिखत हंव, पर ओहीच हुकूम, जऊन ह हमन ला सुरू म मिले रिहिस। मेंह कहत हंव कि हमन एक-दूसर ले मया करन।
6अऊ मया के मतलब ये अय कि हमन परमेसर के हुकूम के मुताबिक चलन। जइसने कि तेंह सुरू ले सुने हस, ओकर हुकूम ये अय कि तें मया के जिनगी जी।
3पांचवां एलाम, छठवां यहोहानानअऊ सातवां एलिहोएनै।
5छठवां अमीएल,सातवां इस्साकार अऊ आठवां पुलेताई।(काबरकि परमेसर ह ओबेद-एदोम ला आसीस दे रिहिस।)
23अमरामी, ईसहारी, हेबरोनी अऊ उजीएलीमन ले:
5हे यहोवा, तोर मया ह स्वरग तक,अऊ तोर बिसवासयोग्यता ह अकास तक पहुंचथे।
7हे परमेसर, तोर अब्बड़ मया ह अनमोल ए!मनखेमन तोर डेना के छइहां म सरन लेथें।
10जऊन मन तोला जानथें, ओमन ऊपर अपन मया,अऊ मन के सीधवा मनखे ऊपर अपन धरमीपन ला बनाय रख।